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Haryana Assembly Election 2019 : भाजपा का हरियाणा में ‘रामराज’ लाने का संकल्प

 

चंडीगढ़ [अनुराग अग्रवाल]। हरियाणा की भाजपा सरकार ने चुनावी परीक्षा में बैठने से पहले जनता के साथ 248 ऐसे वादे किए, जिन्हें बिना संसाधन और वित्तीय दिक्कतों के आसानी से पूरा किया जा सकेगा। भाजपा ने अपने इन वादों को चुनावी घोषणाओं के बजाय प्रदेश की जनता के प्रति संकल्प का नाम दिया है। भाजपा इस संकल्प के जरिये हरियाणा को ऐसा राज्य बनाना चाहती है, जिसकी परिकल्पना राम राज्य के रूप में होती है।

भाजपा ने 25 पेज के संकल्प पत्र में ऐसे हरियाणा की तस्वीर पेश की, जिसमें न तो कोई गरीब हो, न बीमार और न ही बेरोजगार। इन वादों को पूरा करने में धन की कमी आड़े नहीं आएगी। कांग्रेस ने अपने चुनाव घोषणा पत्र में एक लाख 26 हजार करोड़ रुपये के वादे किए थे, लेकिन भाजपा को पांच साल में अपने तमाम वादों को पूरा करने में मात्र 32 हजार करोड़ रुपये खर्च करने पड़ेंगे।

भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा, मुख्यमंत्री मनोहर लाल, केंद्रीय प्रभारी मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, हरियाणा भाजपा के प्रभारी डा. अनिल जैन, प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला, केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत, केंद्रीय राज्य मंत्री रतनलाल कटारिया, चुनाव घोषणा पत्र कमेटी के संयोजक ओमप्रकाश धखनड़ और कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने संयुक्त रूप से अपनी पार्टी का चुनाव घोषणा पत्र जारी किया। इसे म्हारे सपनों का हरियाणा नाम दिया गया है।

भाजपा ने अपने संकल्प पत्र में गांव, गरीब, किसान और खेती पर खास फोकस रखा है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने तमाम ऐसी घोषणाएं करने से परहेज रखा, जो मुफ्त पर आधारित हैं। भाजपा ने अपने संकल्प पत्र में ऐसी किसी योजना का प्रलोभन देने की कोशिश नहीं की, जिसका लाभ फ्री में मिलता हो।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कांग्रेस व इनेलो द्वारा की गई ऐसी तमाम घोषणाओं का जिक्र करते हुए कटाक्ष किया कि किसानों का कर्जमाफ समस्या का समाधान नहीं बल्कि भाजपा उन्हें कमाऊ और टिकाऊ बनाना चाहती है। भाजपा ने हालांकि अपने संकल्प पत्र की शुरुआत ही किसानों की समस्याओं के समाधान के संकल्प के साथ की है।

2014 में किए 154 वादे, 10 इस बार होंगे पूरे

भाजपा ने 2014 के चुनाव में प्रदेश की जनता से 154 वादे किए थे। मुख्यमंत्री मनोहर लाल का दावा है कि भाजपा ने इसमें से 144 वादे पूरे कर दिए हैं। पढ़ी लिखी पंचायतें, आनलाइन तबादला नीति और जिला परिषदों को अधिकार ऐसे काम हैं, जिन्हें वादों की श्रेणी में शामिल नहीं किया गया। फिर भी यह काम हुए। 10-11 काम ऐसे हैं, जो तकनीकी, कानूनी व ढांचागत कारणों से पूरा नहीं हुए, जिन्हें भाजपा ने 2019 के संकल्प पत्र में शामिल किया है। एसवाईएल नहर का निर्माण तथा 24 घंटे बिजली इसके दो बड़े उदाहरण हैं।